असम के होम सेक्रेटरी ने की खुदकुशी, पत्नी की मौत के सदमे में खुद को मारी गोली

असम के होम सेक्रेटरी ने की खुदकुशी, पत्नी की मौत के सदमे में खुद को मारी गोली

असम के होम और पॉलिटिकल सेक्रेटरी शिलादित्य चेतिया ने अपनी पत्नी की मौत के कुछ मिनट बाद आत्महत्या कर ली। शिलादित्य 2009 बैच के आईपीएस अधिकारी थे और उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। वह मेडिकल स्टाफ से यह कहकर अपनी पत्नी के शव को देखने गए कि कुछ ही देर बाद लौट आएंगे, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद अपने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को शूट कर लिया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों वहां पहुंचे तो देखा कि चेतिया की मौत हो चुकी थी।

पत्नी की कैंसर से मौत के बाद लिया दुखद कदम
शिलादित्य की पत्नी, अगामोनी बोरबरुआ, कैंसर से पीड़ित थीं और कई दिनों से गुवाहाटी के नेमकेयर अस्पताल में इलाज करा रही थीं। मंगलवार, 18 जून को, 40 वर्षीय अगामोनी ने अपनी जिंदगी की जंग हार गईं। पत्नी की मौत के 10 मिनट के भीतर, 44 वर्षीय शिलादित्य ने सर्विस गन से खुद को गोली मार ली। पत्नी की बीमारी के कारण शिलादित्य पिछले चार महीने से छुट्टी पर थे।

मेडिकल स्टाफ को प्रार्थना के लिए मांगी प्राइवेसी
नेमकेयर अस्पताल के डायरेक्टर हितेश बरुआ ने बताया कि चेतिया की पत्नी दो महीने से अस्पताल में भर्ती थीं और तीन दिन पहले उनकी हालत बिगड़ गई थी। मंगलवार शाम 4.25 बजे अगामोनी की मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद, चेतिया ने मेडिकल स्टाफ से कहा कि वे अपनी पत्नी के शव के पास प्रार्थना करने के लिए थोड़ी प्राइवेसी चाहते हैं। जब स्टाफ केबिन से बाहर निकला, तो गोली चलने की आवाज आई। अस्पताल के लोग दौड़कर पहुंचे और देखा कि चेतिया अपनी पत्नी के शव के पास गिरे हुए थे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वे बच नहीं सके।

शिलादित्य और अगामोनी की 11 साल पहले हुई थी शादी
असम पुलिस के पूर्व डीजीपी ज्योति महंत ने बताया कि चेतिया और अगामोनी की 12 मई 2013 को अरेंज मैरिज हुई थी। कपल की कोई संतान नहीं थी। कुछ समय पहले ही चेतिया ने अपनी मां और सास को खोया था। चेतिया के पिता भी एक पुलिस अधिकारी थे। अगामोनी ने तेजपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी और विदेशी भाषाओं की पढ़ाई की थीं और वह यूनिवर्सिटी में टॉपर थीं।

शिलादित्य राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित थे
शिलादित्य चेतिया असम के तिनसुकिया और सोनितपुर जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) भी रह चुके हैं। होम सेक्रेटरी के पद पर तैनात होने से पहले उन्होंने असम पुलिस की चौथी बटालियन के कमांडेंट के रूप में भी काम किया था। उन्हें 2015 में स्वतंत्रता दिवस पर वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक मिला था।

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