विपत्ति को मौके में बदलने में विश्वास रखती हूं : मानषी जोशी

विपत्ति को मौके में बदलने में विश्वास रखती हूं : मानषी जोशी

नई दिल्ली, | पैरालम्पिक खेलों में इस बार पैराबैडमिंटन को पहली बार शामिल किया जाना था जिसके लिए मानसी जोशी काफी मेहनत कर रही थीं, लेकिन टोक्यो में होने वाले पैरालम्पिक खेल कोविड के कारण एक साल के लिए स्थगित कर दिए गए। वैसे यह खेल इसी साल 25 अगस्त से छह सितंबर-2020 के बीच खेले जाने थे लेकिन इनका आयोजन अगले साल 25 अगस्त से पांच सितंबर-2021 के बीच होगा।

मानसी ने कहा, “यह साल किसी के भी आसान नहीं रहा है। मैं पैरालम्पिक खेलों को बड़े उत्साह के साथ इंतजार कर रही थी, लेकिन इन्हें स्थगित कर दिया गया।”

मानसी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में मुंबई में नया कृत्रिम पैर लगवाया है और अगले साल होने वाले पैरालम्पिक खेलों तक वह इसके साथ अच्छे से रम जाएंगी।

उन्होंने कहा, “इस बदलाव के साथ सामंजस्य बिठाने में थोड़ा मुश्किल होगा, आपको काफी बारीकियां सीखनी होती हैं। लेकिन मैं विपत्ति को मौके में बदलने में विश्वास रखती हूं। मैं कड़ी मेहनत करना शुरू करूंगी और अगले साल अपने शीर्ष खेल तक पहुंच जाऊंगी।”

मानसी ने 2011 में एक हादसे में अपना पैर गंवा दिया था। उन्होंने पिछले साल स्विट्जरलैंड के बासेल में विश्व चैम्पियनशिप पर कब्जा जमाया था, हालांकि उनका इवेंट एसएल3 एकल पैरालम्पिक में नहीं हैं। वह महिला युगल और मिश्रित युगल के जरिए ही क्वालीफाई कर सकती हैं।

वह भारत की पहली पैरा खिलाड़ी बनी हैं जिन्हें बार्बी ने उनके जैसी ही एक गुडिया बना कर दी है। बार्बी के साथ अपने जुड़ाव पर मानसी ने कहा, “बार्बी रोल मॉडल के तौर पर पहचाना जाना और मेरे जैसी ओओएके डॉल मॉडल पाना मेरे लिए सम्मान की बात है। बचपन में बार्बी से लेकर अब मेरे जैसी बार्बी गुड़िया हासिल करने का सफल शानदार रहा है।”

उन्होंने कहा, “इसकी शुरुआत से जो भी महिलाएं इस मुहिम का हिस्सा रही हैं उन्होंने लिंगभेग को चुनौती दी है और लड़कियों को वो बनने के लिए प्रेरित किया है जो वो बनना चाहती हैं। इस लीग का हिस्सा बनने पर मुझे गर्व है।”

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